सोमवार, 25 मार्च 2013
सोमवार, 11 मार्च 2013
घड़ा बदलने से पानी नहीं बदलता
15 अगस्त 1947। भारत के लिए पर्व का दिन। इतिहास का
टर्निंग प्वॉइंट। मान्यता के मुताबिक आधी रात को आज़ादी दबे-पाँव देश में दाखिल
हुई थी। लोग-बाग जश्न में डूबे थे। पटाखे फूट रहे थे। नारे गूँज रहे थे। आम जनता
मदमस्त थी। उसको इस बात की चिंता ही नहीं थी कि सदियों बाद लौटी आज़ादी के
रहने-सहने का बंदोबस्त कौन करेगा? वह ठहरेगी कहाँ?
शनिवार, 2 मार्च 2013
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