न्यू इंडिया लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
न्यू इंडिया लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
Featured Post
'साक्षी है इतिहास' तथा अन्य चार कविताएँ
1. साक्षी है इतिहास ( मार्टिन नीमोलर को समर्पित) जानता हूँ आप जहमत नहीं उठाएँगे अपनी सलीब पर टँगे रहने का लुत्फ बेग़...
-
लोकतंत्र है। अर्थतंत्र है। भेंड़तंत्र है। भीड़तंत्र है। लूटतंत्र है। सर्वत्र फैला ढोंगतंत्र है। यंत्रवाद है। बौद्धिक साम्राज्यवाद है। सिय...
-
उमस और ऊब का माहौल मन को कोंचते... ख़्वाहिस को बढ़ाते... बिल्कुल प्यास की तरह । जबकि नल की ट...
-
बाढ़ का पानी अब उतार पर था। जलमग्न धरती कहीं-कहीं अपना कूबड़ दिखाने लगी थी। छोटी-छोटी मछलियों की छलमलाहट बढ़ गई थी। वही जल-धारा, जो कल...
