एक
क्विज हो जाए? ज्यादा भारी-भरकम नहीं है। बस एक ही शब्द
है, जिसका आपको अर्थ बताना है। ‘चर्नलिज्म’ शब्द
सुना है आपने? ‘जर्नलिज्म’
का सहोदर जैसा लगता है- है भी। हाँ, फ़र्क़ सिर्फ इतना है कि जैसे ही हम ‘चर्नलिज्म’
का इस्तेमाल करते हैं, ‘जर्नलिज्म’
की आभा थोड़ी मलिन हो जाया करती है। वैसे ये टर्म भले नया हो, प्रवृत्ति नई नहीं
है। और तो और इसका रूप भी नहीं बदला है। जबकि संचार क्रांति ने बहुत कुछ बदल दिया
है। आपको भी मालूम है। दोहराने की आवश्यकता नहीं। हम उस दौर से बहुत आगे आ चुके
हैं, जब न्यूज़ रूम का देवता ‘टेली-प्रिंटर’
हुआ करता था। जब उसकी ‘कचर-कचर-कच’
जैसी आवाज़ न्यूज़रूम की पहचान हुआ करती थी। ये
आवाज़ न्यूज़रूम में टेबुल के चारों तरफ़ कुर्सियों पर बैठे कॉपी एडिटर्स के लिए ‘अलार्मिंग
साउंड’ की हैसियत रखती थी।
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