इतने मदारी, इतने बंदर!
मस्त से बैठे कैम्प के अंदर
ठहाके लगाते, खैनी फांकते
अपनी-अपनी कमाई का हिसाब
लगाते
अपने-अपने मजमे की भीड़ के
बारे में
बातें करते...
मदोन्मत्त से इतराते-छितराते
भविष्य यानी कल की योजना
बनाते
इलाकों का चयन, समय का चयन
ज़रूरी है, भीड़ इकट्ठी करने
के लिए




